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Khagaria News: पटना से लापता दो छात्राएं खगड़िया में मिलीं, शादी का दावा और साथ रहने की जिद

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना से लापता दो छात्राओं को खगड़िया से बरामद किया गया। दोनों ने साथ रहने और खगड़िया में शादी करने का दावा किया। एक छात्रा के नाबालिग होने के कारण मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।

पटना, 13 अगस्त। आलम की खबर: पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र से लापता हुईं दो छात्राओं के खगड़िया में मिलने के बाद मामला चर्चा में है। दोनों छात्राएं 7 अगस्त को अपने-अपने घर से निकली थीं। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और मोबाइल लोकेशन से दोनों के खगड़िया में होने का सुराग मिला। इसके बाद खगड़िया पुलिस की मदद से दोनों को बरामद कर पटना लाया गया।

पुलिस के अनुसार, दोनों छात्राएं एक-दूसरे की पड़ोसी हैं और पिछले करीब तीन वर्षों से एक-दूसरे को जानती हैं। पूछताछ के दौरान दोनों ने साथ रहने की इच्छा जताई और खगड़िया के एक मंदिर में शादी करने का दावा किया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस दावे की अलग से पुष्टि की जा रही है और मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, दोनों में से एक बालिग और दूसरी नाबालिग है।

7 अगस्त को घर से निकली थीं दोनों

जानकारी के मुताबिक, अदालतगंज इलाके की दोनों छात्राएं 7 अगस्त को अपने-अपने घर से निकलीं और वापस नहीं लौटीं। परिवार के लोगों ने तलाश की, लेकिन जब दोनों का पता नहीं चला तो कोतवाली थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन की लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारी जुटाई गई। इसी क्रम में पुलिस को दोनों के खगड़िया पहुंचने का पता चला।

पुलिस की एक टीम ने खगड़िया पुलिस से संपर्क किया। स्थानीय पुलिस को जब दोनों के खगड़िया स्टेशन के आसपास होने की सूचना मिली तो टीम ने इलाके में तलाश शुरू की। दोनों को सुरक्षित बरामद करने के बाद पटना पुलिस के हवाले कर दिया गया।

खगड़िया में मंदिर में शादी करने का दावा

पटना लौटने के बाद पूछताछ में दोनों छात्राओं ने पुलिस के सामने बताया कि वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहती हैं। दोनों ने दावा किया कि खगड़िया पहुंचने के बाद उन्होंने एक मंदिर में शादी की थी।

रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ने बताया कि घर से निकलने के समय उनके पास करीब 3,500 रुपये थे। खगड़िया पहुंचने के बाद दोनों ने होटल में ठहरने की बात भी पुलिस को बताई।

हालांकि, पुलिस ने इस दावे को आधिकारिक रूप से विवाह की पुष्टि के तौर पर स्वीकार नहीं किया है। खगड़िया टाउन थाना पुलिस की भूमिका मुख्य रूप से दोनों को बरामद कर पटना पुलिस के सुपुर्द करने तक रही। स्थानीय पुलिस ने भी कहा है कि उसे मंदिर में शादी होने की अलग से कोई सूचना नहीं मिली थी।

तीन साल से एक-दूसरे को जानती हैं

दोनों छात्राओं के बारे में सामने आई जानकारी के अनुसार, वे पड़ोसी हैं और करीब तीन वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थीं। दोनों अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ती हैं।

एक छात्रा 10वीं कक्षा में पढ़ती है, जबकि दूसरी 12वीं की छात्रा बताई गई है। पुलिस के अनुसार, उम्र की जांच में एक छात्रा के बालिग और दूसरी के नाबालिग होने की बात सामने आई है।

चूंकि मामला एक नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए उसकी पहचान, फोटो और निजी जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं है। पुलिस और न्यायालय की ओर से भी आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।

पटना पहुंचने के बाद भी साथ रहने की इच्छा

दोनों को पटना लाए जाने के बाद पुलिस और परिजनों ने उनसे बातचीत की। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों छात्राओं ने एक-दूसरे से अलग होने से इनकार किया और साथ रहने की इच्छा जताई।

पुलिस के सामने दोनों ने अपने संबंध को लेकर अपनी बात रखी। हालांकि, उनके भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया और उम्र से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत ही होगा।

मामले में यह अंतर महत्वपूर्ण है कि एक छात्रा बालिग बताई जा रही है, जबकि दूसरी नाबालिग है। इसलिए दोनों की स्थिति को एक जैसा नहीं माना जा सकता।

कोर्ट में पेशी के बाद नाबालिग के मामले में फैसला

पटना पुलिस के अनुसार, दोनों छात्राओं को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने नाबालिग छात्रा को रिमांड होम भेजने का आदेश दिया है। वहीं बालिग छात्रा के संबंध में अदालत ने उसकी इच्छा के अनुसार रहने की बात कही है।

पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। इसमें दोनों के घर से निकलने की परिस्थितियां, खगड़िया तक पहुंचने का तरीका, वहां ठहरने की स्थिति और उनके द्वारा किए गए दावों की जांच शामिल है।

पुलिस ने क्या कहा?

खगड़िया टाउन थाना प्रभारी राकेश कुमार गुप्ता के अनुसार, पटना पुलिस से दोनों छात्राओं की लोकेशन खगड़िया के एक होटल के आसपास होने की सूचना मिली थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को बरामद किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पटना पुलिस को सौंप दिया।

वहीं पटना कोतवाली थाना प्रभारी अजय कुमार के मुताबिक, जांच में एक छात्रा के बालिग और दूसरी के नाबालिग होने की बात सामने आई। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद नाबालिग छात्रा को रिमांड होम भेजने का आदेश दिया गया।

मामले में सावधानी क्यों जरूरी?

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इसमें स्कूली छात्राएं शामिल हैं और उनमें से एक नाबालिग है। सोशल मीडिया पर इस तरह के मामलों में पहचान, फोटो, स्कूल, परिवार या अन्य व्यक्तिगत जानकारी तेजी से सार्वजनिक हो जाती है। लेकिन नाबालिग से जुड़े मामलों में मीडिया रिपोर्टिंग के दौरान उसकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है।

इस मामले में भी मुख्य सवाल केवल यह नहीं है कि दोनों ने क्या दावा किया, बल्कि यह भी है कि पुलिस जांच और न्यायालय की प्रक्रिया में क्या तथ्य सामने आते हैं। इसलिए मंदिर में शादी के दावे को फिलहाल दोनों छात्राओं के कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

घटना ने परिवार, पुलिस और न्यायिक व्यवस्था के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता दोनों छात्राओं की सुरक्षा, उनके बयान और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी करना है।

Editorial: भावनाओं के साथ कानून की सीमा समझना भी जरूरी

दो युवतियों या दो लोगों के बीच रिश्ते को लेकर समाज में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। लेकिन जब किसी मामले में नाबालिग शामिल हो, तब सबसे पहली प्राथमिकता उसकी सुरक्षा और उसके कानूनी अधिकार होने चाहिए।

इस मामले में दोनों छात्राओं ने साथ रहने और विवाह का दावा किया है। उनकी बात को सुना जाना जरूरी है, लेकिन साथ ही उम्र और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। नाबालिग की इच्छा, सुरक्षा और भविष्य से जुड़े फैसले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होने चाहिए।

मीडिया की भूमिका भी यहां बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसी घटनाएं स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींचती हैं, लेकिन सनसनी पैदा करने के लिए नाबालिग की पहचान या निजी जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं है। खबर का केंद्र पुलिस की कार्रवाई, न्यायालय की प्रक्रिया और मामले में सामने आए सत्यापित तथ्य होने चाहिए।

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अंतिम निष्कर्ष सोशल मीडिया या अफवाहों से नहीं, बल्कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया से निकलेगा। दोनों छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखते हुए कानून के अनुसार आगे बढ़ना ही सबसे उचित रास्ता है।

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